Vishnu Ke Sushasan: छत्तीसगढ़ बनेगा नवाचार और इनोवेशन का नया हब, सीड फंड से लेकर IPR तक मिल रही मदद, साय सरकार की नीतियों का दिख रहा सकारात्मक परिणाम

Chhattisgarh Startup Policy and Scheme: छत्तीसगढ़ सरकार ने 2025-30 के लिए स्टार्टअप नीति का ऐलान किया, युवाओं को वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन।

Vishnu Ke Sushasan: छत्तीसगढ़ बनेगा नवाचार और इनोवेशन का नया हब, सीड फंड से लेकर IPR तक मिल रही मदद, साय सरकार की नीतियों का दिख रहा सकारात्मक परिणाम

Chhattisgarh Startup Policy and Scheme || Image- IBC24 News File

Modified Date: February 24, 2026 / 07:25 pm IST
Published Date: February 24, 2026 6:21 pm IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ ने लॉन्च की स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30
  • युवाओं को 5,000 से अधिक स्टार्टअप्स बनाने का लक्ष्य
  • विशेष प्रोत्साहन मिलेगा महिला, दिव्यांग और नक्सल प्रभावित स्टार्टअप्स को

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का यह तीसरा वर्ष और तीसरे वर्ष का बजट छत्तीसगढ़ के मेहनतकश और हुनरमंद लाखों युवाओं को समर्पित हैं। मुख्यमंत्री का पूरा फोकस युवाओं के रोजगारोन्मुखी शिक्षा, रोजगार और उन्हें उच्च स्तरीय जीवन प्रदान करना है। यही वजह है कि, साय सरकार जहां एक तरह शिक्षक, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के तहत बड़े पैमाने पर युवाओं की के भर्तियां कर रही है तो दूसरी तरफ उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही है। (Chhattisgarh Startup Policy and Scheme) सरकार ने युवाओं को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में स्टार्टअप नीति का ऐलान किया है। स्वरोजगार की दिशा में छत्तीसगढ़ के इतिहास में उठाया गया यह अब तक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है।

छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद ने “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस नई नीति का उद्देश्य राज्य में एक सशक्त, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण करना है। इसके माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने, व्यापक रोजगार सृजन करने और सतत आर्थिक विकास को गति देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह नीति राज्य के युवाओं को उद्यमिता की दिशा में प्रेरित और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक स्टार्टअप्स का लक्ष्य

नई स्टार्टअप नीति के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक DPIIT-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया गया है। नीति के तहत स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, बाजार से जुड़ाव, क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और बौद्धिक संपदा (आईपीआर) समर्थन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

 

स्टार्टअप्स के लिए प्रमुख आर्थिक सहायता

नीति में स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न अनुदान एवं रियायतों का प्रावधान किया गया है—

  • सीड फंड सहायता: नए स्टार्टअप्स को उत्पाद विकास हेतु 10 लाख रुपये तक की सहायता।
  • स्टार्टअप कैपिटल फंड: निवेश उपलब्ध कराने के लिए 100 करोड़ रुपये का कोष।
  • क्रेडिट रिस्क फंड: बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने हेतु 50 करोड़ रुपये का फंड।
  • ब्याज अनुदान: 50 लाख रुपये तक के ऋण पर 5 वर्षों तक 75 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान।
  • किराया अनुदान: 3 वर्षों तक किराए का 50 प्रतिशत (अधिकतम 15,000 रुपये प्रति माह)।
  • स्थायी पूंजी निवेश अनुदान: मशीनरी एवं उपकरण पर 35 प्रतिशत तक अनुदान (अधिकतम 35 लाख रुपये)।
  • पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन सहायता: राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पेटेंट/प्रमाणीकरण पर 75 प्रतिशत तक, अधिकतम 10 लाख रुपये प्रतिपूर्ति।
  • राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी: यात्रा, पंजीयन एवं स्टॉल व्यय पर 50 प्रतिशत अनुदान।

महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अंतर्गत अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मेगा इनक्यूबेटर्स (हब) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, निवेश से जुड़ाव और रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। (Chhattisgarh Startup Policy and Scheme) वहीं विभिन्न क्षेत्रों में स्पोक इनक्यूबेटर्स के माध्यम से नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक जिले में आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने की भी योजना है।

इनक्यूबेटर एवं एक्सेलेरेटर के लिए वित्तीय प्रावधान

  • शासकीय इनक्यूबेटर्स को परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान।
  • निजी इनक्यूबेटर्स को 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 3 करोड़ रुपये)।
  • बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में स्थापित इनक्यूबेटर्स को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता।
  • अधोसंरचना या क्षमता में 25 प्रतिशत वृद्धि करने वाले स्थापित इनक्यूबेटर्स को भी अनुदान की पात्रता।
  • कार्यक्रम एवं एक्सेलेरेशन सहायता
  • मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर्स को राज्य स्तरीय नवाचार कार्यक्रमों के आयोजन हेतु 1 लाख रुपये प्रति कार्यक्रम (अधिकतम 4 लाख रुपये वार्षिक)।
  • न्यूनतम 8 सप्ताह के एक्सेलेरेशन प्रोग्राम आयोजित करने पर 15 लाख रुपये तक व्यय प्रतिपूर्ति।

कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल की स्थापना

राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे। चयनित कॉलेजों को संचालन हेतु 5 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की सहायता प्रदान की जाएगी।

अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 के अनुरूप पहल

छत्तीसगढ़ सरकार का मानना है कि, यह नीति “अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन/2047” के लक्ष्यों के अनुरूप तैयार की गई है और राज्य को नवाचार आधारित उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। (Chhattisgarh Startup Policy and Scheme) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “स्टार्टअप इंडिया” अभियान के तहत भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में यह नई स्टार्टअप नीति लागू की गई है, जो राज्य को स्टार्टअप और इनोवेशन का उभरता हुआ हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

क्या होता है स्टार्टअप?

स्टार्टअप (Startup) वह नई कंपनी या व्यवसाय होता है, जो किसी नए आइडिया, तकनीक या समस्या के अनोखे समाधान के आधार पर शुरू किया जाता है और जिसका लक्ष्य तेज़ी से बढ़ना (Rapid Growth) होता है। आसान भाषा में समझें तो अगर कोई युवा या टीम ऐसा नया उत्पाद या सेवा बनाती है, जो पहले बाजार में नहीं थी या किसी समस्या का बेहतर समाधान देती है, तो उसे स्टार्टअप कहा जाता है।

स्टार्टअप की मुख्य विशेषताएं

  • नवाचार (Innovation) – नया आइडिया या नई तकनीक पर आधारित।
  • तेज़ वृद्धि की क्षमता – कम समय में बड़े स्तर पर बढ़ने की संभावना।
  • जोखिम और प्रयोग – शुरुआत में अनिश्चितता और जोखिम ज्यादा होता है।
  • निवेश आधारित मॉडल – कई स्टार्टअप निवेशकों से फंड लेते हैं।

स्टार्टअप को उदाहरण से समझें

  • Flipkart – ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के रूप में शुरू हुआ, अब बड़ी कंपनी है।
  • Ola Cabs – मोबाइल ऐप के जरिए टैक्सी सेवा शुरू की।
  • Zomato – ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के रूप में शुरू हुआ।

ये सभी शुरुआत में छोटे स्टार्टअप थे, जो बाद में बड़ी कंपनियां बन गईं।

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